शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम्।
प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये।।
शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं,
विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्।
लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्,
वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥
इस श्लोक में यह बताया गया है कि कौनसे संकट में भगवान श्री हरि विष्णु का कौनसा नाम लेना चाहिए। जो कोई भी भक्त इस श्री विष्णु षोडश नाम स्तोत्र का प्रात:काल नित्य पाठ करता है कि दूर दूर तक सभी संकट उससे दूर रहते हैं और वह जीवन में गहन शांति को अनुभव करता है। यह चमत्कारिक स्त्रोत है।
ENGvsIND वानखेड़े स्टेडियम में एक बेहद दिल थामने वाले मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 7 रनों से हरा दिया। भारत द्वारा बनाए गए 253 रनों के जवाब में इंग्लैंड लगातार विकेट खोती रही लेकिन इसके बाद भी रनों की गति इतनी बरकार रखी कि यह मैच अंतिम ओवर तक गया।
दुनिया में मां और बेटे का रिश्ता ममता का होता है, लेकिन सतयुग में बिंदु सरोवर के तट पर एक ऐसा दिव्य संवाद हुआ, जिसने आने वाली समस्त पीढ़ियों को भक्ति और ज्ञान का मार्ग दिखाया। यह कहानी है राजकुमारी देवहूति की।